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उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश, दोनों ही राज्यों में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में एक साथ प्रस्तावित हैं।
वर्तमान राजनीतिक हलचलों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. मिशन 2027 की शुरुआत (हरिद्वार से)
उत्तराखंड में सत्ताधारी दल (BJP) ने अपने 'मिशन 2027' का शंखनाद हरिद्वार से करने का निर्णय लिया है। इसके पीछे कई रणनीतिक कारण हैं:
* अमित शाह का दौरा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च 2026 को हरिद्वार से चुनावी रोडमैप की नींव रखने वाले हैं।
* हरिद्वार का महत्व: हरिद्वार जिला राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ विधानसभा की सबसे अधिक सीटें हैं। पिछली बार पार्टी को यहाँ कुछ सीटों पर कड़ी टक्कर मिली थी, इसलिए इस बार विशेष फोकस यहीं से शुरू किया जा रहा है।
2. यूपी के साथ चुनाव
चूंकि 2017 और 2022 में भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनाव एक ही समय पर हुए थे, इसलिए 2027 में भी निर्वाचन आयोग द्वारा इन्हें एक साथ ही संपन्न कराए जाने की पूरी संभावना है। दोनों राज्यों की सरकारों का कार्यकाल मार्च 2027 के आसपास समाप्त हो रहा है।
3. पार्टियों की तैयारी
* BJP: सरकार के 4 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में हरिद्वार से बड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके।
* कांग्रेस: विपक्षी दल भी पिछले पंचायत चुनावों के परिणामों से उत्साहित है और हरिद्वार सहित मैदानी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
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