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हाल ही में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री (जो अब मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य कर रहे हैं या कैबिनेट के माध्यम से डेटा साझा कर रहे हैं) द्वारा विधानसभा या सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के आंकड़ों का उल्लेख किया गया था।
मुख्य बिंदु:
* आंकड़ा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा में पिछले कुछ समय में लगभग 17,000 मौतों का संबंध हृदय संबंधी समस्याओं (Heart-related issues) से बताया गया है।
* युवाओं में बढ़ता खतरा: सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से बड़ी संख्या में युवा और स्वस्थ दिखने वाले लोग शामिल हैं।
* सरकार का कदम: सरकार ने राज्य के नागरिक अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में 'हार्ट अटैक मैनेजमेंट सिस्टम' को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में "इंजेक्शन" (Thrombolytic agents) मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो हार्ट अटैक के शुरुआती घंटों में जान बचाने में मददगार होते हैं।
हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के संभावित कारण:
विशेषज्ञ और डॉक्टर इन आंकड़ों के पीछे निम्नलिखित कारणों को देख रहे हैं:
* बदलती जीवनशैली: अधिक तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि (Physical activity) का कम होना।
* खान-पान: जंक फूड का अधिक सेवन और मिलावटी खाद्य पदार्थ।
* पोस्ट-कोविड प्रभाव: कई अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि कोविड-19 के बाद रक्त के थक्के (Blood clots) जमने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ा है।
* नशीले पदार्थों का सेवन: युवाओं में सिंथेटिक ड्रग्स या स्टेरॉयड का बढ़ता चलन भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
बचाव के लिए क्या करें?
* नियमित चेकअप: यदि आपके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो 30 की उम्र के बाद नियमित जांच कराएं।
* लक्षणों को पहचानें: सीने में दर्द, भारीपन, अचानक पसीना आना या जबड़े/बाएं हाथ में दर्द को नजरअंदाज न करें।
* CPR की जानकारी: अपने आसपास के लोगों को CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) की बुनियादी ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।
नोट: यह डेटा अलग-अलग समय अवधि (Time period) के लिए हो सकता है। सटीक और आधिकारिक आंकड़ों के लिए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की वार्षिक रिपोर्ट देखी जा सकती है।
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