भारत ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए 'UPI' और 'Digital Rupee' को कैसे तैयार किया है?

भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 'UPI' और 'Digital Rupee' (CBDC) को केवल घरेलू भुगतान के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर डॉलर के विकल्प के रूप में भी तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर की मध्यस्थता को कम करना और भारतीय रुपये को वैश्विक मुद्रा बनाना है। यहाँ इसके मुख्य रणनीतिक कदम दिए गए हैं: 1. UPI का अंतर्राष्ट्रीयकरण (Internationalization of UPI) UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। सरकार ने इसे 'डॉलर मुक्त' लेन-देन के लिए एक वैश्विक पुल की तरह इस्तेमाल करना शुरू किया है: * द्विपक्षीय समझौते: भारत ने सिंगापुर (PayNow), UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों के साथ UPI को जोड़ा है। इससे भारतीय पर्यटक और वहां रहने वाले प्रवासी बिना डॉलर बदले सीधे रुपये में भुगतान कर सकते हैं। * SWIFT का विकल्प: वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग 'SWIFT' नेटवर्क पर निर्भर है, जो मुख्य रूप से डॉलर आधारित है। UPI और इसके वैश्विक विस्तार से भारत एक ऐसा समांतर तंत्र (Parallel System) बना रहा है जो सीधा (Direct) और सस्ता है। * NRIs के लिए सुविधा: 10 से अधिक देशों में रहने वाले अनिवासी भारतीय (NRIs) अब अपने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का उपयोग करके UPI कर सकते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा का सीधा प्रवाह रुपये के रूप में होता है। 2. डिजिटल रुपया (e-Rupee): डॉलर पर निर्भरता कम करने का नया हथियार 'Digital Rupee' या Central Bank Digital Currency (CBDC) को सरकार ने एक रणनीतिक बढ़त के रूप में पेश किया है: * बिना मध्यस्थ (Intermediary) के व्यापार: वर्तमान में यदि भारत किसी देश से तेल खरीदता है, तो अक्सर भुगतान के लिए अमेरिकी बैंकों और डॉलर की आवश्यकता होती है। Wholesale CBDC के माध्यम से भारत सीधे दूसरे देश के केंद्रीय बैंक के साथ रीयल-टाइम में 'करेंसी स्वैप' कर सकता है, जिससे डॉलर की जरूरत खत्म हो जाती है। * BRICS देशों के साथ तालमेल: भारत ने BRICS देशों की अपनी डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। इससे सदस्य देश आपस में अपनी स्थानीय डिजिटल मुद्राओं में व्यापार कर सकेंगे, जिससे डॉलर का एकाधिकार कम होगा। * लागत और समय की बचत: डॉलर आधारित अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में भारी शुल्क और 2-3 दिन का समय लगता है। डिजिटल रुपया इस प्रक्रिया को कुछ ही सेकंड में और लगभग शून्य शुल्क पर पूरा कर सकता है। 3. रुपया व्यापार ढांचा (Rupee Trade Mechanism) UPI और डिजिटल रुपया उस बड़े ढांचे का हिस्सा हैं जिसके तहत RBI ने विदेशी बैंकों को 'Vostro Accounts' खोलने की अनुमति दी है। * अब रूस, UAE और श्रीलंका जैसे देश भारत के साथ सीधे रुपये में व्यापार कर रहे हैं। * हाल ही में भारत ने UAE से कच्चे तेल की खरीद का भुगतान पहली बार रुपये में किया, जिसमें डिजिटल भुगतान तंत्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संक्षेप में प्रभाव: | विशेषता | प्रभाव | |---|---| | लेनदेन की गति | रीयल-टाइम सेटलमेंट, डॉलर क्लियरिंग हाउस की जरूरत नहीं। | | सुरक्षा | अमेरिकी प्रतिबंधों (Sanctions) जैसी स्थितियों में भी व्यापार जारी रखने की क्षमता। | | लागत | मुद्रा विनिमय (Currency Conversion) शुल्क में भारी कमी। |

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