आपकी संस्था का 12A या 80G रजिस्ट्रेशन हो चुका है? अगर हाँ, तो रिटर्न न भरना भारी पड़ सकता है जाने क्यों ?

अगर आपकी संस्था (Section-8 Company, Society या Trust) के पास 12A और 80G का रजिस्ट्रेशन है, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) न भरना आपके लिए किसी "कानूनी दुःस्वप्न" से कम नहीं होगा। यहाँ विस्तार से समझिए कि 'Nil' रिटर्न न भरना आपके लिए क्यों भारी पड़ सकता है: 1. टैक्स छूट (Exemption) का छिन जाना 12A रजिस्ट्रेशन का मतलब है कि सरकार ने आपकी संस्था की आय को टैक्स-फ्री घोषित किया है। लेकिन इस छूट को पाने की पहली और सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि आप समय पर अपना ITR (आमतौर पर ITR-7) फाइल करें। * अगर आप रिटर्न नहीं भरते, तो विभाग आपकी आय को "कमर्शियल इनकम" मान सकता है और उस पर 30% फ्लैट टैक्स ठोक सकता है। 2. 80G रजिस्ट्रेशन का रद्द होना 80G दानदाताओं (Donors) के लिए होता है ताकि उन्हें टैक्स में छूट मिले। * यदि संस्था अपना रिटर्न फाइल नहीं करती, तो विभाग यह मान लेता है कि संस्था सक्रिय नहीं है या नियमों का पालन नहीं कर रही है। ऐसे में आपका 80G रजिस्ट्रेशन रद्द (Cancel) किया जा सकता है। * एक बार यह रद्द हो गया, तो भविष्य में कोई भी बड़ा डोनर आपको चंदा नहीं देगा क्योंकि उन्हें टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा। 3. भारी जुर्माना (Late Fees and Penalty) इनकम टैक्स की धारा 234F के तहत देरी से रिटर्न भरने पर जुर्माना लगता है। * संस्थाओं के लिए यह जुर्माना और भी कड़ा हो सकता है। * इसके अलावा, धारा 272A(2) के तहत रिटर्न न भरने पर प्रतिदिन के हिसाब से भारी पेनल्टी लगाई जा सकती है, जो समय के साथ लाखों में पहुँच सकती है। 4. पिछले सालों का घाटा (Loss) लैप्स होना नई संस्थाओं में अक्सर शुरुआत में कमाई कम और खर्चे (जैसे रेंट, सैलरी, रजिस्ट्रेशन फीस) ज्यादा होते हैं। * अगर आप रिटर्न भरते हैं, तो आप इस "घाटे" को अगले सालों के लिए Carry Forward कर सकते हैं। * रिटर्न न भरने पर आप यह कानूनी लाभ खो देते हैं। मुख्य तुलना: क्या खो सकते हैं आप? | नुकसान का प्रकार | विवरण | प्रभाव | |---|---|---| | टैक्स देयता | पूरी आय पर 30% टैक्स | आर्थिक बोझ | | 80G सर्टिफिकेट | रद्द होने का खतरा | फंडिंग बंद होना | | पेनल्टी | ₹5,000 से ₹10,000 या प्रतिदिन के हिसाब से | कानूनी नोटिस | | क्रेडिबिलिटी | संस्था "डिफॉल्टर" की लिस्ट में | बैंक और सरकारी ग्रांट में बाधा | आपको अभी क्या करना चाहिए? * ऑडिट कराएं: यदि आपकी संस्था का टर्नओवर एक निश्चित सीमा से ऊपर है या आप 12A का लाभ ले रहे हैं, तो सीए (CA) से ऑडिट कराना अनिवार्य है। * ITR-7 फाइल करें: भले ही आय 'शून्य' हो, ITR-7 फॉर्म ही भरें। * एनुअल कंप्लायंस: अगर सेक्शन-8 कंपनी है, तो ROC (Ministry of Corporate Affairs) की फाइलिंग भी साथ-साथ पूरी रखें।

Comments