1 साल में प्राइवेट कंपनी और सेक्शन-8 कंपनी की क्या फीलिंग और चार्ज होता है?

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और सेक्शन-8 कंपनी (NGO) दोनों ही MCA (Ministry of Corporate Affairs) के नियमों से बंधी होती हैं। इनकी सालाना फाइलिंग (Compliance) लगभग एक जैसी होती है, लेकिन सेक्शन-8 कंपनी को इनकम टैक्स में कुछ अतिरिक्त फॉर्म भरने पड़ते हैं। यहाँ एक साल के अनुमानित खर्च और जरूरी फाइलिंग्स का विवरण दिया गया है: 1. अनिवार्य सालाना फाइलिंग (ROC Filings) हर साल कंपनी को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) को दो मुख्य फॉर्म भरने होते हैं: * AOC-4: इसमें कंपनी की बैलेंस शीट और प्रॉफिट-लॉस स्टेटमेंट जमा होता है। * MGT-7/7A: इसमें शेयरहोल्डर्स और डायरेक्टर्स की जानकारी (Annual Return) होती है। * ADT-1: ऑडिटर (CA) की नियुक्ति के लिए (यह हर 5 साल में एक बार होता है, लेकिन रिकॉर्ड में जरूरी है)। सरकारी फीस (Government Fees): यह कंपनी की Authorized Capital पर निर्भर करती है। ₹1 लाख से ₹5 लाख तक की कैपिटल वाली कंपनियों के लिए प्रति फॉर्म सरकारी फीस लगभग ₹300 - ₹600 होती है। (देरी होने पर प्रति दिन ₹100 जुर्माना लगता है)। 2. ऑडिट और प्रोफेशनल चार्ज (Auditor Fees) कानूनन हर कंपनी (चाहे काम हुआ हो या नहीं) का Statutory Audit एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कराना अनिवार्य है। * प्राइवेट कंपनी: ₹10,000 से ₹25,000 (छोटे स्तर के बिजनेस के लिए)। * सेक्शन-8 कंपनी: ₹15,000 से ₹30,000 (NGO ऑडिट में ज्यादा मेहनत होती है, इसलिए चार्ज थोड़ा ज्यादा हो सकता है)। 3. इनकम टैक्स फाइलिंग (Income Tax Return) * प्राइवेट कंपनी (ITR-6): ऑडिट के बाद टैक्स रिटर्न भरना। * सेक्शन-8 कंपनी (ITR-7): यदि 12A/80G रजिस्ट्रेशन है, तो यह फॉर्म भरना अनिवार्य है। 4. अन्य वार्षिक खर्चे (Other Compliance) * Director KYC (DIR-3 KYC): हर डायरेक्टर का केवाईसी अपडेट करना (हर साल ₹500 - ₹1000 प्रोफेशनल फीस)। * Minutes & Registers: बोर्ड मीटिंग के रिकॉर्ड्स बनाना (सीए/सीएस चार्ज)। * Digital Signature (DSC) Renewal: यदि एक्सपायर हो गया हो (लगभग ₹1000 - ₹2000)। सालाना कुल खर्च का अनुमान (Annual Maintenance Cost) | संस्था का प्रकार | सरकारी फीस (अनुमानित) | प्रोफेशनल/CA फीस (अनुमानित) | कुल सालाना बजट | |---|---|---|---| | प्राइवेट लिमिटेड | ₹2,000 - ₹5,000 | ₹15,000 - ₹30,000 | ₹18,000 - ₹35,000 | | सेक्शन-8 कंपनी | ₹2,000 - ₹5,000 | ₹20,000 - ₹40,000 | ₹22,000 - ₹45,000 | > नोट: यदि आपकी सेक्शन-8 कंपनी के पास विदेशी चंदा (FCRA) लेने की अनुमति है, तो उसका कंप्लायंस और ऑडिट चार्ज अलग से ₹15,000 से ₹25,000 तक बढ़ सकता है। > सावधानी की बात: अगर आप ये फाइलिंग समय पर नहीं करते हैं, तो अतिरिक्त पेनल्टी (Additional Fee) बहुत भारी पड़ती है। उदाहरण के लिए, AOC-4 और MGT-7 की देरी पर ₹100 प्रति दिन प्रति फॉर्म का जुर्माना लगता है।

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