9 मार्च 2026 से शुरू होने वाले बजट सत्र से ठीक पहले, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी गई है।
2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार ने कई बड़े और नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी है। कैबिनेट के मुख्य 'एक्शन' निम्नलिखित हैं:
🚀 कैबिनेट के 5 बड़े फैसले (फरवरी 2026)
* बजट को हरी झंडी: कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 10% अधिक है।
* करोड़ों की विकास योजनाएं: सीएम धामी ने हाल ही में ₹257 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी है, जिसमें मुख्य रूप से सड़क सुधार, डामरीकरण और शहरी विकास के कार्य शामिल हैं।
* अर्ध कुंभ 2027 के लिए ₹234 करोड़ के प्रोजेक्ट: हरिद्वार में होने वाले अर्ध कुंभ के लिए 34 स्थायी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है।
* ग्रीन हाइड्रोजन और नई नीतियां: राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 'उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026' और 'मौन पालन (Beekeeping) नीति 2026' को मंजूरी दी गई है।
* सेब की खेती को बढ़ावा: 'सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026' को हरी झंडी दी गई है ताकि बागवानी क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
📊 बजट सत्र का शेड्यूल (गैरसैंण/भराड़ीसैण)
9 मार्च से शुरू हो रहे इस सत्र में सरकार का पूरा फोकस 'आत्मनिर्भर उत्तराखंड' पर है:
* 9 मार्च: राज्यपाल का अभिभाषण।
* 11 मार्च: धामी सरकार अपना 'मेगा बजट' सदन में पेश करेगी।
* मुख्य फोकस: स्वरोजगार, पर्यटन, और ग्रामीण विकास।
> विशेष: इस बार सरकार ने 'जीरो बेस्ड बजटिंग' की नीति अपनाई है, जिसका मतलब है कि हर पुरानी योजना की उपयोगिता जांची जाएगी और केवल जरूरी योजनाओं को ही पैसा मिलेगा।
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