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भारतीय सड़क सुरक्षा (Road Safety) के ढांचे में सांसदों (MPs) और अधिकारियों की भूमिका को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने 'जिला सड़क सुरक्षा समिति' (District Road Safety Committee - DRSC) को मुख्य केंद्र बनाया है।
2026 के वर्तमान परिदृश्य में, सांसदों और अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जोड़ने के मुख्य तरीके निम्नलिखित हैं:
1. जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) का नेतृत्व
अब देश के प्रत्येक जिले में सड़क सुरक्षा की कमान सीधे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में है:
* अध्यक्षता: जिले के लोकसभा सांसद (MP) इस समिति के अध्यक्ष होते हैं। यदि जिले में एक से अधिक सांसद हैं, तो वरिष्ठ सांसद को यह जिम्मेदारी दी जाती है।
* अधिकारी सदस्य: जिले के कलेक्टर (DM) इसके सचिव होते हैं। साथ ही, पुलिस अधीक्षक (SP), PWD के अधिकारी, और NHAI के प्रतिनिधि इसके अनिवार्य सदस्य होते हैं।
* काम: यह समिति हर महीने बैठक करती है ताकि जिले में होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा की जा सके।
2. ब्लैक स्पॉट (Black Spots) की पहचान और सुधार
सांसदों और अधिकारियों को सीधे तौर पर 'ब्लैक स्पॉट' (वे स्थान जहाँ बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं) को ठीक करने की जिम्मेदारी दी गई है।
* सांसद अपने क्षेत्र के खतरनाक सड़कों और मोड़ों की पहचान करते हैं।
* अधिकारी (Engineers) उन जगहों पर तकनीकी सुधार (जैसे साइन बोर्ड, लाइट, या सड़क की बनावट में बदलाव) के लिए उत्तरदायी होते हैं।
3. 'सड़क सुरक्षा पोर्टल' (Member of Parliament Road Safety Portal)
सरकार ने एक विशेष डिजिटल पोर्टल बनाया है जहाँ सांसद अपने क्षेत्र की सड़क सुरक्षा संबंधी बैठकों के प्रस्ताव और प्रस्तावों (Resolutions) को अपलोड करते हैं। इससे केंद्र सरकार सीधे देख सकती है कि किस जिले में अधिकारी और सांसद मिलकर काम कर रहे हैं।
4. सड़क सुरक्षा गान और जागरूकता (Road Safety Anthem)
हाल ही में (जनवरी 2026), केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसदों से अपील की है कि वे स्थानीय भाषाओं में 'सड़क सुरक्षा गान' को स्कूलों, सार्वजनिक सभाओं और कार्यक्रमों में बढ़ावा दें। इसका उद्देश्य "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" के संदेश को जन-आंदोलन बनाना है।
5. अधिकारियों की जवाबदेही (Liability of Officials)
नए नियमों के तहत, यदि किसी सड़क के गलत डिजाइन (Design Failure) के कारण कोई घातक दुर्घटना होती है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने के लिए दिशा-निर्देश कड़े किए गए हैं।
समिति की संरचना (संक्षेप में)
| पद | सदस्य |
|---|---|
| अध्यक्ष | लोकसभा सांसद (MP) |
| सदस्य सचिव | जिला कलेक्टर (DM) |
| विशेष आमंत्रित | राज्यसभा सांसद |
| अन्य सदस्य | SP, RTO, PWD इंजीनियर, NHAI अधिकारी, स्थानीय विधायक (MLA) |
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