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यह जानकारी हाल ही में सुर्खियों में है। फरवरी 2026 में केंद्र सरकार ने हरिद्वार अर्ध कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए 500 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है।
चूंकि 2027 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं, इसलिए सरकार इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। यहाँ इस बजट और तैयारियों से जुड़ी मुख्य बातें दी गई हैं:
💰 बजट और वित्तीय योजना
* पहली किस्त: केंद्र सरकार ने ₹500 करोड़ की प्रारंभिक राशि जारी की है।
* कुल मांग: उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से कुल ₹3,848 करोड़ के बजट की मांग की है।
* राज्य का निवेश: सीएम धामी ने हाल ही में लगभग ₹234.55 करोड़ की लागत वाले 34 बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया है।
🏗️ किन कामों पर खर्च होगा यह पैसा?
इस राशि का उपयोग मेले के स्थायी और अस्थायी ढांचों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा:
* घाटों का सुंदरीकरण: हर की पैड़ी समेत अन्य प्रमुख गंगा घाटों का विस्तार और जीर्णोद्धार।
* सड़क और पुल: यातायात को सुगम बनाने के लिए नई सड़कों का निर्माण और पुराने पुलों की मरम्मत।
* सुरक्षा और तकनीक: पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम और आधुनिक सुरक्षा उपकरण।
* स्वच्छता: 'निर्मल गंगा' अभियान के तहत कूड़ा प्रबंधन और पेयजल की बेहतर व्यवस्था।
🗓️ आयोजन की खास बातें
* समय: यह मेला जनवरी 2027 से अप्रैल 2027 तक चलेगा।
* ऐतिहासिक स्नान: इस बार अर्ध कुंभ में 4 अमृत स्नान और शाही स्नान होंगे, जो इसे पहले से कहीं अधिक भव्य बनाएंगे।
* राजनीतिक महत्व: 2027 के चुनावों से ठीक पहले होने वाला यह आयोजन सरकार के लिए अपनी विकास नीतियों और सांस्कृतिक एजेंडे को दिखाने का एक बड़ा मंच होगा।
> एक रोचक तथ्य: 2021 का कुंभ कोरोना के कारण काफी सीमित रहा था, इसलिए सरकार 2027 के इस आयोजन को कसर पूरी करने के लिए 'भव्य और दिव्य' बनाने की पूरी तैयारी में है।
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