जमोया और जामुन की लकड़ी में अंतर

इमारती लकड़ी (Timber) के संदर्भ में जामुन और जमोया दोनों का अपना महत्व है, लेकिन इन दोनों में मुख्य अंतर उनकी मजबूती और उपयोग के आधार पर होता है। 1. जामुन की लकड़ी (Jamun Wood) जामुन एक प्रसिद्ध इमारती लकड़ी है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पानी में खराब नहीं होती। * गुण: यह मध्यम कठोर (Medium Hard) होती है। इसकी एक विशेष खूबी यह है कि इसे अगर सालों तक पानी के अंदर रखा जाए, तो भी इसमें सड़न नहीं पैदा होती। * उपयोग: * पुराने समय में कुओं के आधार (नेम) बनाने के लिए जामुन की लकड़ी का ही उपयोग होता था। * आजकल इसका उपयोग नाव बनाने, पानी की टंकियों के ढांचे और सस्ते फर्नीचर बनाने में किया जाता है। * खिड़की और दरवाजों के चौखट के लिए भी यह एक अच्छा और किफायती विकल्प है। 2. जमोया की लकड़ी (Jamoya Wood) जमोया, जामुन की ही एक जंगली प्रजाति है। इसे अक्सर 'जंगली जामुन' भी कहा जाता है। * गुण: जामुन के मुकाबले जमोया की लकड़ी थोड़ी अधिक कठोर और भारी होती है। इसमें रेशे (Grains) अधिक घने होते हैं। * उपयोग: * इसका उपयोग मुख्य रूप से खेती के औजारों के हैंडल बनाने, बल्लियाँ और ग्रामीण घरों की कड़ियों (Beams) में किया जाता है। * चूंकि यह अधिक सख्त होती है, इसलिए इसे तराशना थोड़ा कठिन होता है, लेकिन मजबूती के मामले में यह जामुन से कम नहीं है। दोनों में कौन सी बेहतर है? | विशेषता | जामुन (Jamun) | जमोया (Jamoya) | |---|---|---| | उपलब्धता | आसानी से उपलब्ध | ज्यादातर ग्रामीण या जंगली क्षेत्रों में | | पानी से सुरक्षा | उत्कृष्ट (पानी में सड़ती नहीं) | अच्छी, लेकिन जामुन से कम | | फर्नीचर | चिकनी फिनिशिंग के कारण बेहतर है | खुरदरी होने के कारण निर्माण कार्यों में बेहतर | | कीमत | जमोया से थोड़ी महंगी हो सकती है | स्थानीय स्तर पर सस्ती होती है | निष्कर्ष: यदि आप घर के अंदर का काम (जैसे अलमारी या दरवाजे) करवा रहे हैं, तो जामुन बेहतर है। लेकिन यदि आप छत की कड़ियाँ, खंभे या खेती से जुड़ा मजबूत ढांचा बना रहे हैं, तो जमोया अधिक टिकाऊ साबित होती है।

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