स्टॉक एक्सचेंज पर इस समय 2026-26 कौन से टैक्स-फ्री बॉन्ड खरीदने के लिए उपलब्ध हैं?

वर्ष 2026 में, भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों से नए टैक्स-फ्री बॉन्ड जारी नहीं किए हैं। इसलिए, यदि आप इनमें निवेश करना चाहते हैं, तो आपको सेकेंडरी मार्केट (Stock Exchange) से इन्हें खरीदना होगा। यहाँ उन प्रमुख टैक्स-फ्री बॉन्ड की सूची दी गई है जो इस समय स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) पर ट्रेड हो रहे हैं और जिन्हें आप अपने डीमैट खाते के जरिए खरीद सकते हैं: प्रमुख टैक्स-फ्री बॉन्ड (Secondary Market 2026) | संस्था (Issuer) | कूपन रेट (ब्याज) | अनुमानित मैच्योरिटी (Maturity) | वर्तमान यील्ड (YTM)* | |---|---|---|---| | NHAI (National Highways) | 7.39% - 8.75% | 2029 से 2035 तक | ~5.1% - 5.7% | | REC (Rural Electrification) | 8.71% | 2028 - 2029 | ~5.3% - 5.5% | | PFC (Power Finance Corp) | 8.67% - 8.92% | 2028 - 2033 | ~5.2% - 5.4% | | IRFC (Railway Finance) | 8.48% - 8.63% | 2029 - 2033 | ~5.1% - 5.3% | | NTPC | 8.73% - 8.91% | 2028 - 2033 | ~5.5% - 5.6% | | HUDCO | 7.64% - 8.29% | 2032 - 2034 | ~5.4% - 5.7% | *नोट: YTM (Yield to Maturity) वह वास्तविक रिटर्न है जो आपको आज की मार्केट कीमत पर खरीदने पर मिलेगा। निवेश करने से पहले 3 महत्वपूर्ण बातें: * प्रीमियम पर खरीदारी: चूंकि ये बॉन्ड बहुत सुरक्षित हैं और इनका ब्याज टैक्स-फ्री है, इसलिए ये अक्सर अपनी फेस वैल्यू (जैसे ₹1,000) से ऊपर की कीमत पर बिकते हैं। उदाहरण के लिए, ₹1,000 का बॉन्ड आपको मार्केट में ₹1,150 में मिल सकता है। * लिक्विडिटी (Liquidity): कुछ बॉन्ड में रोज ट्रेडिंग कम होती है, इसलिए इन्हें खरीदते या बेचते समय थोड़ा समय लग सकता है। खरीदने से पहले 'Trading Volume' जरूर चेक करें। * टैक्स बेनेफिट: इनसे मिलने वाला ब्याज (Interest) पूरी तरह टैक्स-फ्री है (Section 10(15) के तहत)। लेकिन, यदि आप इन बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचकर मुनाफा (Capital Gain) कमाते हैं, तो उस मुनाफे पर टैक्स देना होगा। 54EC बॉन्ड (Capital Gain Bonds) अगर आपने कोई प्रॉपर्टी बेची है और उस पर टैक्स बचाना चाहते हैं, तो आप PFC, REC, IRFC या NHAI के 54EC Bonds में निवेश कर सकते हैं। इनका ब्याज (लगभग 5.25%) टैक्सेबल होता है, लेकिन यह आपको प्रॉपर्टी सेल पर लगने वाले भारी टैक्स से बचाता है।

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