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हिंदू पुराणों के अनुसार, महाराज दक्ष प्रजापति की 60 कन्याओं का विवाह सृष्टि के विस्तार की एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। ब्रह्मा जी ने दक्ष को सृष्टि की वृद्धि का कार्य सौंपा था, और इन कन्याओं के माध्यम से ही मनुष्य, देव, असुर, पशु-पक्षी और गंधर्वों की उत्पत्ति हुई।
यहाँ विस्तार से बताया गया है कि इन कन्याओं का विवाह किसके साथ हुआ और उनसे किन वंशों का जन्म हुआ:
ऋषि कश्यप की 13 पत्नियाँ (मुख्य विस्तार)
महर्षि कश्यप को दक्ष की 13 पुत्रियाँ दी गई थीं। इन्हीं से संसार के अधिकांश जीवों की उत्पत्ति हुई:
* अदिति: इनसे 12 आदित्यों (देवताओं) का जन्म हुआ।
* दिति: इनसे दैत्यों (असुरों) की उत्पत्ति हुई।
* दनु: इनसे दानवों का वंश चला।
* विनता: इनसे गरुड़ और अरुण (पक्षियों के राजा) पैदा हुए।
* कद्रू: इनसे समस्त नागों (सर्पों) का जन्म हुआ।
* सुरसा और इला: इनसे राक्षसों और वृक्ष-वनस्पतियों की उत्पत्ति मानी जाती है।
* मुनि: इनसे अप्सराओं और गंधर्वों का जन्म हुआ।
धर्म (यमराज) की 10 पत्नियाँ
दक्ष ने अपनी 10 कन्याओं का विवाह धर्म (यम) से किया। ये कन्याएँ मानवीय गुणों और विश्व के नियमों का प्रतीक हैं:
* इनके नाम थे: अरुन्धती, वसु, यमी, लम्बा, भानु, मरुत्वती, संकल्पा, मुहूर्ता, साध्या और विश्वा।
* इनसे विश्वेदेव, साध्यदेव, वसु और समय की विभिन्न गणनाओं (जैसे मुहूर्त) का जन्म हुआ।
चंद्रमा की 27 पत्नियाँ (नक्षत्र)
दक्ष की 27 कन्याओं का विवाह चंद्रमा से हुआ। ये 27 कन्याएँ आकाश में मौजूद 27 नक्षत्र हैं (जैसे रोहिणी, अश्विनी, भरणी आदि)।
* चंद्रमा का रोहिणी के प्रति अधिक प्रेम होने के कारण ही दक्ष ने उन्हें क्षय रोग का श्राप दिया था, जिसे बाद में भगवान शिव ने सोमनाथ में पूर्णतः समाप्त होने से बचाया।
अन्य ऋषियों के साथ विवाह
* अंगिरा ऋषि: इन्हें 2 कन्याएँ दी गईं।
* कृशाश्व ऋषि: इन्हें 2 कन्याएँ दी गईं।
* भूत ऋषि: इन्हें 2 कन्याएँ दी गईं।
* तार्क्ष्य कश्यप: इन्हें शेष 4 कन्याएँ दी गईं।
ब्रह्मांडीय महत्व
इस प्रकार, दक्ष की कन्याएँ केवल स्त्रियाँ नहीं बल्कि सृजन की शक्तियाँ थीं।
* देव और असुर: अदिति और दिति के माध्यम से संतुलन बना।
* प्रकृति: कद्रू और विनता के माध्यम से जीव-जंतुओं का विस्तार हुआ।
* समय और गुण: धर्म की पत्नियों के माध्यम से नैतिकता और काल चक्र स्थापित हुआ।
* खगोल विज्ञान: चंद्रमा की पत्नियों के माध्यम से ज्योतिष और समय की गणना संभव हुई।
> विशेष तथ्य: दक्ष की सबसे प्रसिद्ध पुत्री सती थीं, जिनका विवाह भगवान शिव से हुआ था, लेकिन वे इन 60 कन्याओं की गणना से अलग मानी जाती हैं क्योंकि उनका जन्म और उद्देश्य अलौकिक था। more read next blog...
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