आपकी रेमिटेंस राशि और उद्देश्य के आधार पर आप पर कितना प्रतिशत TCS लगेगा?

भारत सरकार ने बजट 2025 में विदेशी प्रेषण (Foreign Remittance) पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब ₹7 लाख की पुरानी सीमा को बढ़ाकर ₹10 लाख कर दिया गया है। 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी नई दरें नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं: TCS रेट चार्ट (FY 2025-26) | प्रेषण का उद्देश्य (Purpose of Remittance) | ₹10 लाख तक की राशि | ₹10 लाख से अधिक की राशि | |---|---|---| | शिक्षा (बैंक/वित्तीय संस्थान से लोन) | NIL (कोई टैक्स नहीं) | NIL (पूरी तरह मुक्त) | | शिक्षा (स्व-वित्तपोषित/Personal Funds) | NIL | 5% (केवल ₹10L के ऊपर) | | चिकित्सा उपचार (Medical Treatment) | NIL | 5% (केवल ₹10L के ऊपर) | | विदेशी टूर पैकेज (Overseas Tour) | 5% | 20% | | अन्य (निवेश, उपहार, संपत्ति आदि) | NIL | 20% | प्रमुख बिंदु जो आपको समझने चाहिए: * शिक्षा लोन पर बड़ी राहत: यदि आपने पढ़ाई के लिए 80E के तहत आने वाले बैंक से लोन लिया है, तो अब ₹10 लाख की सीमा के बाद भी कोई TCS नहीं लगेगा (पहले यह 0.5% था)। * ₹10 लाख की थ्रेशोल्ड: शिक्षा और मेडिकल के लिए, टैक्स केवल उस राशि पर लगेगा जो ₹10 लाख से ऊपर है। उदाहरण के लिए, अगर आप मेडिकल के लिए ₹12 लाख भेजते हैं, तो 5% TCS केवल ₹2 लाख पर लगेगा (यानी ₹10,000)। * विदेशी यात्रा (Travel): टूर पैकेज के मामले में छूट की सीमा नहीं है। पहले ₹10 लाख तक 5% लगेगा और उसके ऊपर की राशि पर सीधा 20%। * PAN कार्ड अनिवार्य: यदि आपके पास PAN कार्ड नहीं है, तो ये दरें बहुत अधिक (अक्सर 20% या उससे भी ज्यादा) हो सकती हैं।

Comments