आयात निर्यात के लिए उत्तराखंड हिमाचल उत्तर प्रदेश के उत्पादों के लिए कौन सी विशेष सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं?

उत्तरखंड, हिमाचल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कई आकर्षक योजनाएं चला रही हैं। चूंकि ये राज्य भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से विविध हैं, इसलिए यहाँ के उत्पादों के लिए विशेष फोकस दिया गया है: 1. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) - ODOP का गढ़ यूपी में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सबसे सफल मॉडल ODOP (One District One Product) है। * ODOP मार्केटिंग सहायता: यदि आप जिले के चिन्हित उत्पाद (जैसे अलीगढ़ के ताले, कन्नौज का इत्र) का एक्सपोर्ट करते हैं, तो सरकार विदेशी प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने के लिए 75% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹2 लाख) देती है। * निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30: यूपी सरकार अब हवाई माल ढुलाई (Air Freight) पर ₹150/किग्रा या ₹10 लाख सालाना तक की सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा, कंटेनर से माल भेजने पर भी ₹20,000 से ₹40,000 तक की सहायता मिलती है। * MSME निर्यात सहायता: छोटे निर्यातकों को हर साल मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए ₹25 लाख तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है। 2. उत्तराखंड (Uttarakhand) - 'महक क्रांति' और आर्गेनिक एक्सपोर्ट उत्तराखंड ने अपनी नई निर्यात नीति में 7 मुख्य क्षेत्रों (जैसे आयुष, हस्तशिल्प और आर्गेनिक फूड) पर ध्यान दिया है। * उत्तराखंड महक क्रांति नीति (2026-36): हाल ही में शुरू हुई इस नीति के तहत राज्य में 7 'एरोमा वैली' (Aroma Valleys) विकसित की जा रही हैं। यदि आप तिमूर, लेमनग्रास, या दालचीनी जैसे सुगंधित उत्पादों का निर्यात करते हैं, तो आपको खेती से लेकर ब्रांडिंग और फसल बीमा तक में भारी सब्सिडी मिलती है। * GI टैग का लाभ: उत्तराखंड के कई उत्पादों जैसे लाल चावल (Lal Chawal), झंगोरा, और पहाड़ी तूर दाल को GI टैग मिला हुआ है। इनका निर्यात करने पर APEDA आपको अंतरराष्ट्रीय बाजार खोजने में मदद करता है। * परिवहन सब्सिडी: पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण, माल को बंदरगाह (Port) तक पहुँचाने की लागत पर राज्य सरकार विशेष छूट देती है। 3. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) - फल और हस्तशिल्प * हिमाचल एप्पल और बागवानी: सेब और अन्य ठंडे फलों के निर्यात के लिए सरकार 'कोल्ड चैन' इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर सब्सिडी देती है। * मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना: यदि कोई युवा पहाड़ी उत्पादों को एक्सपोर्ट करने के लिए स्टार्टअप शुरू करता है, तो उसे शुरुआती निवेश और मार्केटिंग के लिए सरकारी मदद मिलती है। * हस्तशिल्प और हैंडलूम: कुल्लू शॉल और चंबा चप्पल जैसे उत्पादों के एक्सपोर्ट के लिए विशेष 'एग्जीबिशन ग्रांट' दी जाती है। 4. केंद्र सरकार की कॉमन योजनाएं (Common for All) * RoDTEP स्कीम: एक्सपोर्ट किए गए माल पर लगे स्थानीय टैक्स (जो जीएसटी में रिफंड नहीं होते) को वापस पाने के लिए यह स्कीम 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। * डाकघर निर्यात केंद्र (DNK): अब आप छोटे पार्सल (जैसे ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट) सीधे पास के डाकघर से भेज सकते हैं और ऑनलाइन ही ड्यूटी ड्रॉबैक का फायदा उठा सकते हैं। * ब्याज सुब्वेंशन (Interest Subvention): एक्सपोर्ट के लिए लिए गए लोन पर ब्याज में 2% से 3% की छूट मिलती है। क्या आप जानना चाहते हैं कि आपके विशिष्ट उत्पाद (Product) के लिए कौन सी एजेंसी (जैसे APEDA या मर्चेंट एक्सपोर्ट काउंसिल) सबसे अच्छी रहेगी? Read next blog...

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