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देहरादून (निकट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट) और उत्तर प्रदेश के जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) दोनों ही आने वाले समय में लॉजिस्टिक्स और ट्रेड के सबसे बड़े केंद्र बनने वाले हैं। आयात-निर्यात सर्टिफिकेट (IEC) के साथ इन लोकेशन्स का फायदा उठाकर आप अपने बिज़नेस को ग्लोबल बना सकते हैं।
यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप इन एयरपोर्ट्स और IEC का लाभ उठा सकते हैं:
1. एयर कार्गो (Air Cargo) की सुविधा
जेवर एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा कार्गो हब बनने जा रहा है।
* फायदा: अगर आप ऐसी चीज़ें बेचते हैं जो जल्दी खराब हो सकती हैं (जैसे उत्तराखंड के फल, फूल) या महंगी हैं (जैसे ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स), तो जेवर और देहरादून से सीधे विदेशों में माल भेजना सस्ता और तेज़ होगा।
* IEC की भूमिका: बिना IEC के आप इन इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
2. उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का एक्सपोर्ट (Dehradun Context)
देहरादून के आसपास के इलाकों से 'पहाड़ी' उत्पादों की मांग विदेशों में बहुत है:
* ऑर्गेनिक फूड: बासमती चावल, जड़ी-बूटियाँ (Herbs), और शहद।
* हस्तशिल्प: लकड़ी की कलाकृतियाँ और ऊनी कपड़े।
* फायदा: जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार से आप इन उत्पादों को सीधे दुबई, लंदन या सिंगापुर जैसे बाज़ारों तक पहुँचा सकते हैं।
3. वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स (Jewar Context)
जेवर एयरपोर्ट के पास 'लॉजिस्टिक्स पार्क' और 'इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स' बन रहे हैं।
* फायदा: यदि आप एक्सपोर्टर हैं, तो आप एयरपोर्ट के पास अपना गोदाम (Warehouse) बना सकते हैं। इससे ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होगी और डिलीवरी समय पर होगी।
* MSME लाभ: यहाँ बिज़नेस शुरू करने पर सरकार कई तरह की सब्सिडी भी दे रही है।
4. ड्यूटी ड्रॉबैक और टैक्स लाभ (Financial Benefits)
IEC होने पर आप सरकार की निर्यात योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं:
* RoDTEP स्कीम: एक्सपोर्ट करने पर आपको केंद्र सरकार की तरफ से टैक्स में छूट मिलती है।
* GST रिफंड: निर्यात किए गए सामान पर आप जो जीएसटी चुकाते हैं, उसे वापस (Refund) ले सकते हैं।
5. ग्लोबल पहचान
जेवर और देहरादून जैसे उभरते हुए हब में बिज़नेस सेटअप करने से विदेशी बायर्स का भरोसा बढ़ता है।
* फायदा: आप आसानी से विदेशी ट्रेड फेयर (Trade Fairs) में हिस्सा ले सकते हैं और अपना ब्रांड इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोट कर सकते हैं।
आप शुरुआत कैसे करें?
* उत्पाद चुनें: तय करें कि आप क्या एक्सपोर्ट करना चाहते हैं (जैसे- हैंडीक्राफ्ट या एग्रीकल्चर प्रोडक्ट)।
* मार्केट रिसर्च: देखें कि आपके उत्पाद की मांग किस देश में सबसे ज़्यादा है।
* लॉजिस्टिक्स पार्टनर: जेवर या देहरादून के पास किसी 'कस्टम हाउस एजेंट' (CHA) से संपर्क करें जो आपका माल जहाज/प्लेन पर चढ़ाने में मदद करे।
> एक विशेष सलाह: उत्तराखंड सरकार एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए विशेष प्रोत्साहन (Incentives) देती है।
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