आपकी आय ₹5 लाख से थोड़ी भी ऊपर (जैसे 5.5 या 6 लाख) हो जाए, तो टैक्स की गणना कैसे ?

अगर आपकी आय ₹5 लाख से ऊपर जाती है, तो टैक्स की गणना इस बात पर निर्भर करेगी कि आप नई (New) व्यवस्था चुनते हैं या पुरानी (Old)। बजट 2025-26 के नए नियमों के अनुसार, ₹12 लाख तक की आय पर एक विशेष रिबेट (छूट) मिलती है, जिससे कई मामलों में टैक्स अभी भी जीरो हो सकता है। 1. नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) - AY 2026-27 यह सैलरी पाने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। | कुल आय | स्टैंडर्ड डिडक्शन | टैक्स योग्य आय (Taxable Income) | टैक्स गणना | रिबेट (87A) | कुल टैक्स | |---|---|---|---|---|---| | ₹5.5 लाख | ₹75,000 | ₹4,75,000 | ₹3,750 | ₹3,750 | ₹0 | | ₹6.0 लाख | ₹75,000 | ₹5,25,000 | ₹6,250 | ₹6,250 | ₹0 | | ₹7.0 लाख | ₹75,000 | ₹6,25,000 | ₹11,250 | ₹11,250 | ₹0 | निष्कर्ष: नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय पर (रिबेट के कारण) आपको ₹0 टैक्स देना होगा, बशर्ते आप सैलरीड एम्प्लॉई हों। 2. पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) यहाँ गणित थोड़ा अलग है। इसमें ₹5 लाख की सीमा पार करते ही रिबेट खत्म हो जाती है (अगर आपकी आय ₹5 लाख से ₹1 भी ऊपर है)। उदाहरण: ₹6 लाख की आय पर (बिना किसी निवेश के) * स्टैंडर्ड डिडक्शन: ₹50,000 * टैक्स योग्य आय: ₹5,50,000 * टैक्स स्लैब गणना: * ₹2.5 लाख तक: 0% = ₹0 * ₹2.5 से ₹5 लाख: 5% = ₹12,500 * ₹5 से ₹5.5 लाख: 20% = ₹10,000 * कुल टैक्स: ₹22,500 + 4% सेस = ₹23,400 > नोट: पुरानी व्यवस्था में टैक्स बचाने के लिए आपको Section 80C (LIC, PPF आदि) और 80D (Health Insurance) में निवेश करना होगा। अगर आप ₹1.5 लाख का निवेश दिखा दें, तो यहाँ भी टैक्स जीरो हो सकता है। > आपके लिए कौन सा बेहतर है? * अगर आप निवेश नहीं करना चाहते: तो New Tax Regime आँख बंद करके चुनें। ₹12 लाख तक आपको एक रुपया टैक्स नहीं देना है। * अगर आप होम लोन और बड़ा निवेश रखते हैं: तो ही Old Tax Regime की गणना करके देखें।

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