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अगर आपकी सालाना आय ₹5 लाख है, तो आज के नियमों (AY 2026-27) के अनुसार आपको कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
भारत में टैक्स की दो व्यवस्थाएं हैं और दोनों में ही ₹5 लाख की आय पर टैक्स शून्य (Zero) हो जाता है। इसका विस्तार से विवरण नीचे दिया गया है:
1. नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) - डिफ़ॉल्ट
यह व्यवस्था अब सबसे लोकप्रिय है क्योंकि इसमें टैक्स की छूट की सीमा काफी अधिक है।
* छूट की सीमा: ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है।
* टैक्स गणना: ₹4 लाख से ₹5 लाख के बीच की ₹1 लाख की राशि पर 5% टैक्स (5,000) बनता है।
* सेक्शन 87A का फायदा: सरकार ₹12 लाख तक की आय पर भारी रिबेट (Rebate) देती है। इस वजह से आपका ₹5,000 का टैक्स पूरी तरह माफ हो जाता है।
* कुल टैक्स: ₹0
2. पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime)
यदि आप निवेश (जैसे LIC, PPF) दिखाते हैं, तो आप इसे चुन सकते हैं।
* छूट की सीमा: ₹2.5 लाख तक कोई टैक्स नहीं है।
* टैक्स गणना: ₹2.5 लाख से ₹5 लाख के बीच की ₹2.5 लाख की राशि पर 5% टैक्स (12,500) बनता है।
* सेक्शन 87A का फायदा: पुरानी व्यवस्था में ₹5 लाख तक की आय पर ₹12,500 की रिबेट मिलती है।
* कुल टैक्स: ₹0
महत्वपूर्ण बातें (नोट)
* स्टैंडर्ड डिडक्शन: अगर आप सैलरी पाने वाले (Salaried) व्यक्ति हैं, तो आपको नई व्यवस्था में ₹75,000 और पुरानी व्यवस्था में ₹50,000 की अतिरिक्त छूट मिलती है। इससे आपकी टैक्स योग्य आय और भी कम हो जाती है।
* रिटर्न भरना: भले ही आपका टैक्स 'जीरो' है, लेकिन यदि आपकी कुल आय ₹2.5 लाख (पुरानी) या ₹4 लाख (नई) से अधिक है, तो ITR फाइल करना भविष्य के लिए अच्छा रहता है (जैसे लोन लेने या वीजा के लिए)।
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