आयात निर्यात का कोड कैसे प्राप्त करते हैं ?

आयात-निर्यात कोड यानी IEC (Import Export Code) प्राप्त करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पेपरलेस हो गई है। यह 10 अंकों का एक नंबर होता है जो DGFT (Directorate General of Foreign Trade) द्वारा जारी किया जाता है। यहाँ IEC कोड प्राप्त करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका दिया गया है: 1. कहाँ अप्लाई करें? आपको केवल सरकारी वेबसाइट dgft.gov.in पर जाकर आवेदन करना चाहिए। इसके लिए किसी ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं है। 2. ज़रूरी दस्तावेज़ (Checklist) आवेदन शुरू करने से पहले ये चीज़ें तैयार रखें: * PAN कार्ड: व्यक्तिगत (प्रोप्राइटर) या कंपनी का पैन। * पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट। * बैंक विवरण: बिज़नेस के नाम का Cancelled Cheque (जिस पर नाम छपा हो) या बैंक सर्टिफिकेट। * पता प्रमाण: बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट या सेल डीड। * डिजिटल सिग्नेचर (DSC) या आधार ओटीपी: फॉर्म को ई-साइन करने के लिए। 3. आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step) * रजिस्ट्रेशन: DGFT की वेबसाइट पर जाकर 'Login' पर क्लिक करें और फिर 'Register' चुनें। अपनी डिटेल्स भरकर आईडी-पासवर्ड बना लें। * Apply for IEC: लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर 'Apply for IEC' लिंक पर क्लिक करें। * फॉर्म भरें (ANF 2A): * General Information: बिज़नेस का नाम और पैन डालें। * Entity Details: बिज़नेस का प्रकार (Proprietorship/Private Ltd आदि) चुनें। * Bank Account Details: बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड भरें। * दस्तावेज़ अपलोड करें: कैंसिल चेक और एड्रेस प्रूफ की स्कैन कॉपी (PDF/JPEG) अपलोड करें। * फीस का भुगतान: IEC के लिए सरकारी फीस ₹500 है। इसे नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन जमा करें। * ई-साइन और सबमिट: अपने आधार ओटीपी या DSC का उपयोग करके फॉर्म को वेरिफाई करें और सबमिट कर दें। 4. IEC कब और कैसे मिलेगा? * तुरंत अप्रूवल: आजकल IEC सिस्टम जेनरेटेड होता है। फीस जमा होने और वेरिफिकेशन के तुरंत बाद (अक्सर कुछ ही मिनटों में) आपको ईमेल पर IEC Certificate मिल जाता है। * डाउनलोड: आप अपनी लॉगिन आईडी से कभी भी सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण बातें: * लाइफटाइम वैलिडिटी: एक बार IEC मिलने के बाद यह हमेशा के लिए मान्य रहता है, इसे रिन्यू कराने की ज़रूरत नहीं पड़ती। * सालाना अपडेट: नियम के अनुसार, आपको हर साल अप्रैल से जून के बीच अपनी जानकारी पोर्टल पर अपडेट करनी होती है (चाहे कोई बदलाव न भी हुआ हो)। इसे अपडेट न करने पर कोड 'डी-एक्टिवेट' हो सकता है। * जीएसटी और पैन: अब आपका PAN नंबर ही आपका IEC नंबर होता है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के लिए DGFT पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है।

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