किसी खास बॉन्ड (जैसे गोल्ड बॉन्ड या टैक्स-फ्री बॉन्ड) के बारे में ?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और टैक्स-फ्री बॉन्ड दोनों ही निवेश के बहुत लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन ये पूरी तरह से अलग उद्देश्यों के लिए बने हैं। यहाँ इनका विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond - SGB) यह भारत सरकार की ओर से RBI द्वारा जारी किया जाता है। यह सोने में निवेश करने का सबसे स्मार्ट तरीका माना जाता है क्योंकि इसमें भौतिक सोना रखने का झंझट नहीं होता। * रिटर्न: इसमें आपको दो तरह से फायदा होता है: * ब्याज (Fixed Interest): निवेश की गई राशि पर 2.50% प्रति वर्ष का निश्चित ब्याज मिलता है (छमाही भुगतान)। * कीमत में वृद्धि (Capital Appreciation): मैच्योरिटी के समय सोने की जो कीमत होगी, आपको वही पैसा मिलेगा। * अवधि (Tenure): यह 8 साल के लिए होता है, लेकिन आप 5 साल बाद बाहर निकल सकते हैं। * टैक्स लाभ: सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि आप इसे 8 साल (मैच्योरिटी) तक रखते हैं, तो सोने की बढ़ी हुई कीमत पर मिलने वाला प्रॉफिट (Capital Gains) पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। (हालांकि, 2.5% ब्याज पर स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है)। * किसके लिए अच्छा है? जो लोग सोने में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और सुरक्षा के साथ-साथ अतिरिक्त ब्याज भी चाहते हैं। 2. टैक्स-फ्री बॉन्ड (Tax-Free Bonds) ये बॉन्ड आमतौर पर सरकारी संस्थाओं (जैसे NHAI, REC, PFC, IRFC) द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जारी किए जाते हैं। * रिटर्न: इनकी ब्याज दरें आमतौर पर 5% से 6.5% के बीच होती हैं। * सबसे बड़ा फायदा: इनसे मिलने वाला पूरा का पूरा ब्याज (Interest) आयकर अधिनियम के तहत टैक्स-फ्री होता है। आपको इस पर ₹1 भी टैक्स नहीं देना पड़ता। * उपलब्धता: ये बॉन्ड अब अक्सर नए जारी नहीं होते (Fresh Issue कम आते हैं), इसलिए इन्हें स्टॉक मार्केट (जैसे Zerodha, GoldenPi) के जरिए 'Secondary Market' से खरीदा जाता है। * किसके लिए अच्छा है? उन लोगों के लिए जो 30% के उच्चतम टैक्स स्लैब में आते हैं। उनके लिए 6% का टैक्स-फ्री रिटर्न, किसी साधारण FD के 8.5% रिटर्न के बराबर होता है। तुलना: SGB बनाम टैक्स-फ्री बॉन्ड | विशेषता | सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) | टैक्स-फ्री बॉन्ड | |---|---|---| | मुख्य आधार | सोने की कीमत (Gold Price) | निश्चित ब्याज (Fixed Interest) | | वार्षिक ब्याज | 2.5% (टैक्सेबल) | 5% - 6.5% (टैक्स-फ्री) | | मैच्योरिटी लाभ | टैक्स-फ्री (8 साल बाद) | लागू नहीं (केवल ब्याज टैक्स-फ्री है) | | जोखिम | मध्यम (सोने के भाव गिर सकते हैं) | बहुत कम (सरकारी गारंटी) | | लिक्विडिटी | कम (एक्सचेंज पर बेच सकते हैं) | स्टॉक एक्सचेंज पर बेचे जा सकते हैं | मेरी राय: आपको क्या चुनना चाहिए? * यदि आप टैक्स बचाना चाहते हैं: और आप ऊंचे टैक्स स्लैब में हैं, तो टैक्स-फ्री बॉन्ड (PFC, NHAI) आपके लिए बेहतरीन हैं क्योंकि इनका 'Effective Return' काफी ज्यादा बैठता है। * यदि आप संपत्ति बनाना चाहते हैं: तो SGB सबसे अच्छा है क्योंकि इसमें सोने की कीमत बढ़ने का फायदा भी मिलता है और सरकार से गारंटीड ब्याज भी। > प्रो टिप: वर्तमान में SGB की नई सीरीज कब आएगी, इसका अपडेट RBI की वेबसाइट पर मिलता रहता है। मार्केट से पुराने SGB खरीदना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि वे कभी-कभी डिस्काउंट पर मिल जाते हैं।

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